गवाचा गवाचा

भाषा के कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनका संपूर्ण अर्थ बताना कठिन होता है । ऐसे शब्दों का अनुवाद भी बहुत कठिन हो जाता है। अब सोचिए "कमीना" शब्द के लिए आप अंग्रेजी के किस शब्द का चयन करेंगे? कमीना एक ऐसा विशेष भारतीय शब्द है जो गिने-चुने शब्दों का सरताज है जिन्हें भाषा की पहचान कहा जा सकता है
कोई कहता है --- वह कमीना तो चाय भी नहीं पूछता। ऐसे में लगेगा कि चाय के लिए न पूछना कोई बहुत बड़ा अपराध तो नहीं है । लेकिन अतिथि को सबसे पहले चाय पिलाने का रिवाज जिस समाज में हो उसमें यदि कोई चाय के लिए न पूछे तो उसे कमीना नहीं कहेंगे तो क्या कहेंगे?
पंजाबी का एक शब्द जिसका संपूर्ण अर्थ बताना मुश्किल है वह है "गावाचा गवाचा"
गवाचना का मतलब होता है खो जाना। शायद "गावाचा गवाचा" उस स्थिति से बना है जब कोई छोटा बच्चा मेले में अपने मां-बाप से अलग हो जाता है और उसे समझ नहीं आता कि वह कहां जाए। मजेदार बात यह है कि जब हम किसी से कहते हैं कि ऐसा "गावाचा गावाचा" सा क्यों हो रखा है तो इसका अर्थ यह नहीं होता कि तू चिंता में क्यों है। जो व्यक्ति "गावाचा गावाचा" होता है आवश्यक नहीं कि उसे चिंंता हो या वह किसी बात से घबराया हुआ हो। जब आदमी बहुत सी चीजों में बंट जाता है और निर्णय नहीं कर पाता तो हम कहते हैं --- क्यों गावाचा गावाचा सा हो गया?
आजकल डोनाल्ड ट्रंप भी गावाचा गावाचा सा हो रखा है। उसे वेनेजुएला में ऐसी कामयाबी मिली कि उसे लगा वह सिकंदर की तरह विश्व विजय पर निकल जाए। उसने टैरिफ बढ़ाए और सभी देश चुप रहे। उसने ग्रीनलैंड के बारे में बात शुरू की और फिर यूक्रेन युद्ध की समाप्ति में विभिन्न प्रकार के पदार्थ प्राप्त करने के अपने मंतव्य को फिट करना शुरू कर दिया। संसार के देश देखते रहे। सभी को लगा कि कोई तो इस महानुभाव को समझाएगा। ऐसे में यह प्रश्न भी उठता है कि बिल्ली के गले में पट्टा कौन बांधे। विशेष कर तब जब बिल्ली इतनी बड़ी हो और बौराई-सी हो रखी हो। अब बढ़ते बढ़ते ट्रंप ने ईरान की ओर कदम बढ़ाए लेकिन यह नहीं सोचा कि खाड़ी का क्षेत्र किस प्रकार एक समस्याओं का गुच्छा है। अब जब चीन ने भी गुर्राना शुरू कर दिया है तो डोनाल्ड ट्रंप "गावाचा गावाचा" सा हो गया है